अक्सर लोग हल्के पीठ दर्द, घुटने के दर्द या गर्दन की अकड़न को यह सोचकर नजरअंदाज कर देते हैं कि यह…
अक्सर लोग हल्के पीठ दर्द, घुटने के दर्द या गर्दन की अकड़न को यह सोचकर नजरअंदाज कर देते हैं कि यह अपने आप ठीक हो जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दर्द को लगातार सहते रहना आपके तंत्रिका तंत्र (nervous system) को हमेशा के लिए बदल सकता है? जब आप किसी चोट या दर्द को लंबे समय तक बिना इलाज के छोड़ देते हैं, तो मस्तिष्क में दर्द के सिग्नल भेजने वाले रास्ते अत्यधिक संवेदनशील हो जाते हैं। इसे न्यूरोलॉजिकल भाषा में 'सेंट्रल सेंसिटाइजेशन' (central sensitization) कहा जाता है। इस स्थिति में, तंत्रिका तंत्र मामूली दबाव को भी तीव्र दर्द के रूप में महसूस करने लगता है, जिससे सामान्य चोट भी एक जटिल और स्थायी समस्या (chronic pain) का रूप ले लेती है। दर्द को दबाने के लिए लगातार पेनकिलर्स खाना इसका समाधान नहीं है, क्योंकि यह सिर्फ लक्षणों को छुपाता है, बीमारी को जड़ से खत्म नहीं करता। दर्द के इस तंत्रिका चक्र को तोड़ने और अपने शरीर की प्राकृतिक गतिशीलता को वापस पाने के लिए लोग अक्सर क्लीनिकल सपोर्ट के लिए इंटरनेट पर physiotherapy या physiotherapy near me लिखकर सर्च करते हैं। Guru Physiotherapy Clinic में Dr. Dileep Singh दर्द के न्यूरोलॉजिकल और मस्कुलोस्केलेटल कारणों को गहराई से समझकर सुरक्षित, टारगेटेड रिहैबिलिटेशन एक्सरसाइज और मैनुअल थेरेपी प्रदान करते हैं। अपने दर्द को स्थायी न बनने दें; नीचे दिए गए बुकिंग बटन पर क्लिक करें और 18 सितंबर के लिए अपनी अपॉइंटमेंट आज ही सुरक्षित करें!