आजकल के डिजिटल दौर में क्या बच्चों में भी गलत पोस्चर की समस्या होती है? इसका जवाब है—हां, और यह ब…
आजकल के डिजिटल दौर में क्या बच्चों में भी गलत पोस्चर की समस्या होती है? इसका जवाब है—हां, और यह बहुत तेजी से बढ़ रही है। घंटो तक स्मार्टफोन या टैबलेट पर गर्दन झुकाकर गेम खेलना (जिसे टेक्स्ट नेक सिंड्रोम कहा जाता है), ऑनलाइन क्लासेस के दौरान गलत तरीके से बैठना और भारी स्कूल बैग उठाना बच्चों की बढ़ती रीढ़ की हड्डी पर अनुचित दबाव डालता है। बचपन में खराब पोस्चर को नजरअंदाज करने से आगे चलकर रीढ़ की बनावट में गड़बड़ी (जैसे कि स्कोलियोसिस या कायफोसिस), पीठ दर्द और कम उम्र में ही मांसपेशियों में जकड़न जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यदि आपका बच्चा लगातार कंधे झुकाकर बैठता है या गर्दन दर्द की शिकायत करता है, तो समय पर हस्तक्षेप जरूरी है। पेरेंट्स अक्सर बच्चों के सही शारीरिक विकास के लिए इंटरनेट पर पेशेवर मार्गदर्शन की तलाश में physiotherapy या physiotherapy near me सर्च करते हैं। Guru Physiotherapy Clinic में Dr. Dileep Singh बच्चों के मस्कुलोस्केलेटल विकास का बारीकी से मूल्यांकन करते हैं और उनके पोस्चर को सुधारने के लिए आसान व प्रभावी एक्सरसाइज सिखाते हैं। अपने बच्चे की रीढ़ की सेहत को सुरक्षित बनाएं; नीचे दिए गए बुकिंग बटन पर क्लिक करें और 3 सितंबर के लिए अपनी अपॉइंटमेंट आज ही सुरक्षित करें!