अक्सर लोग सोचते हैं कि फिजियोथेरेपी की ज़रूरत सिर्फ गंभीर एक्सीडेंट या सर्जरी के बाद ही पड़ती है।…
अक्सर लोग सोचते हैं कि फिजियोथेरेपी की ज़रूरत सिर्फ गंभीर एक्सीडेंट या सर्जरी के बाद ही पड़ती है। लेकिन यह सच नहीं है। अगर आपको उठते-बैठते घुटनों में कट-कट की आवाज आती है, लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने से गर्दन और पीठ में लगातार दर्द रहता है, या कोई पुरानी खेल की चोट (sports injury) बार-बार परेशान करती है, तो यह संकेत है कि आपके शरीर को फिजियोथेरेपी की आवश्यकता है। दर्द निवारक दवाएं (painkillers) सिर्फ दर्द को दबाती हैं, जबकि फिजियोथेरेपी उसके असली कारण को जड़ से खत्म करती है। तो फिजियोथेरेपी कब ज़रूरी होती है? जब आपका शारीरिक दर्द आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, जैसे चलने, झुकने या सोने को प्रभावित करने लगे। Guru Physiotherapy Clinic में Dr. Dileep Singh प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार कस्टमाइज्ड रिहैब प्लान तैयार करते हैं ताकि जोड़ों की जकड़न दूर हो और मांसपेशियां प्राकृतिक रूप से मजबूत बनें। अपने शरीर के इन शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न करें; नीचे दिए गए बुकिंग बटन पर क्लिक करें और 13 अगस्त के लिए अपना अपॉइंटमेंट आज ही सुनिश्चित करें!